नई दिल्ली: केंद्रीय सरकार ने एक के बाद एक कड़े कदम उठाए हैं, जो देश में खराब सामान के आयात को पूरी तरह से प्रतिबंधित करेंगे। केंद्रीय सरकार ने पहले कम गुणवत्ता वाले प्लास्टिक उत्पादों, चार्जर और यूएसबी केबल के आयात पर प्रतिबंध लगाया था। अब केंद्रीय सरकार ने छत के पंखों की गुणवत्ता को सुधारने के लिए नियम बनाए हैं, जिससे देश में केवल BIS मार्क वाले पंखों की सेल होगी।

आपको बता दें कि सरकार ने ये महत्वपूर्ण कदम दो बातों को ध्यान में रखकर उठाए हैं: देश में पंखों का उत्पादन बढ़ाने और घरेलू कंपनियों को बढ़ावा देने। वहीं दूसरी ओर, सरकार ने कम गुणवत्ता वाले पंखों के आयात को पूरी तरह प्रतिबंधित करने का निर्णय लिया है।

BIS मार्क के बिना  पंखा बिक्री नहीं होगा

9 अगस्त को, उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्द्धन विभाग ने घोषणा की कि BIS (भारतीय मानक ब्यूरो) का मार्क अब छत पर यानी पंखे पर होना चाहिए। यदि छत के पंखे पर ये मार्क नहीं होंगे, तो उस कंपनी और विक्रेता पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। आपको बता दें कि अगले वर्ष फरवरी से ये नियम लागू होंगे।

 

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घटिया पंखा बेचने पर जेल

पहला जुर्माना दो साल की जेल या दो लाख रुपये का होगा अगर कोई दुकानदार या कंपनी BIS मार्क को नहीं बचाता। यही नहीं, अगर कोई फिर से गिरफ्तार हो जाता है, तो उसे पांच लाख रुपये का जुर्माना देना होगा और पंखे की कीमत का दस गुना जुर्माना भी देना होगा।

आपको बता दें कि अधिसूचना में गुणवत्ता नियंत्रण आदेश को लागू करने के लिए समयसीमा के संदर्भ में छूट दी गई है, जिसका उद्देश्य घरेलू सूक्ष्म और लघु उद्योगों को प्रोत्साहित करना है। यह व्यवस्था सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) के लिए अधिसूचना के प्रकाशित होने से छह महीने बाद प्रभावी होगी।

 

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