छत्तीसगढ़ में बाबा टीएस सिंह देव जी उपमुख्यमंत्री बनना, क्या सी एम के लिये संदेश है?

छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव से पहले मुख्यमंत्री के दावेदार रहे बाबा टीएस सिंह देव जी का उप मुख्यमंत्री बनना यह संदेश देता है ,कि पार्टी एक है|

द हिंदू के एक विश्लेषण लेख के अनुसार टी एस सिंह देव को उपमुख्यमंत्री बनाकर कांग्रेस ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को यह संदेश देने की कोशिश की है कि प्रतिद्वंदी गुट को भी साथ लेकर चलें|

अखबार लिखता है कि सहदेव को आलाकमान की ओर से उपमुख्यमंत्री बनाकर भूपेश बघेल को कड़ा संदेश देने की कोशिश की है आलाकमान चाहता है कि कुछ महीनों बाद राज्य में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं इससे पहले पार्टी की एकजुटता को प्रदर्शित करना चाहती है|

टी एस देवसिंह , छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री पद के दावेदार रहे हैं इसे लेकर पिछले 4 साल से भूपेश बघेल से टकराव चल रहे हैं 2018 में पार्टी के जीत के बाद ही सहदेव पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी पर यह दबाव बनाते आ रहे थे कि उन्हें ढाई साल के बाद मुख्यमंत्री बनाया जाना चाहिए|

अखबार लिखता है कि इन 4 सालों के दौरान सिंह देव ने धीरज बनाए रखा सिर्फ एक बार जुलाई महीने 2022 में उन्होंने नाराजगी व्यक्त की थी और पंचायती राज मंत्रालय से इस्तीफा दिया था|

सिंह देव को उप मुख्यमंत्री बनाए जाने के पीछे की वजह:

 

अखबार से एक शीर्ष कांग्रेसी पदाधिकारी नेता ने कहा “बघेल सरकार ने अब तक काफी अच्छा काम किया है और सिंह देव को उपमुख्यमंत्री बनाकर संदेश दिया है कि पार्टी एक है|
द हिंदू के अनुसार कि सिंह देव उपमुख्यमंत्री बनाने के पीछे की वजह छत्तीसगढ़ में लोगों के बीच धारणा फैलती जा रही है कि राज्य में कांग्रेस का पार्टी संगठन लगातार कमजोर हो रही है माना जा रहा है कि सत्ता की ताकत सीएम में केंद्रित होती जा रही है|

 

और दूसरी वजह हो सकती है सीएम के नेतृत्व में ओबीसी की दावेदारी पार्टी में ओबीसी की पकड़ मजबूत होने की वजह से लंबे समय से कांग्रेस के साथ आदिवासी समुदाय चिंतित है|

अगली वज़ह हो सकती है राज्य की 14 विधानसभा सीटों पर सिंह देव का प्रभाव है सिंह देव का असंतोष होना पार्टी को मुसीबत में फंसा सकती है|

अखबार में सूत्रों के हवाले से लिखा है कि बुधवार को छत्तीसगढ़ में पार्टी की जो बैठक हुई उसमें कांग्रेस में वैचारिक वैचारिक विचलन पर भी चर्चा हुई पीएम ने राज्य में हिंदू तीर्थों को बढ़ावा देने में काफी जोर लगाया है|

सीएम को आलाकमान की मशवरा:

1जून से 3 जून के बीच उन्होंने इंटरनेशनल रामायण महोत्सव रायगढ़ में आयोजित कराया|

पार्टी चाहती है बीजेपी के समान अपनी पहचान ना बने वह उनसे अलग पहचान बनाने की बात की सिर्फ हिंदुत्व के जाल में न फंसने की नसीहत दी|

अब देखना यह है कि बाबा साहब को स्वास्थ्य मंत्रालय के अलावा कोई और जिम्मेदारी दी जाती है या नहीं?
द हिंदू के अनुसार सहदेव की वफादारी रंग लाई उन्होंने बीजेपी द्वारा दी गई|

ऑफर को भी ठुकरा दी उन्होंने सार्वजनिक तौर पर कहा कि वह किसी भी परिस्थिति में बीजेपी में शामिल नहीं होंगे
गुरुवार को रायपुर में मुस्कुराते हुए कहा की बात बातचीत से समस्या सुलझाई जा सकती है कांग्रेस एक है एक रहेगी|

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